Chapter 2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक Class 10th SST Economics Book (RCSCE Question Bank 2024 Answer Key)

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Objective Questions

प्र.1 कौनसा विकास सेवा क्षेत्र को व्यक्त नहीं करता है?

(अ) डेयरी उत्पादन (ब) परिवहन (स) भण्डारण (द) संचार ( )

प्र.2 ‘सकल’ घरेलू उत्पाद है –

(अ) कृषि क्षेत्र + औद्योगिक क्षेत्र (ब) औद्योगिक क्षेत्र + सेवा क्षेत्र

(स) कृषि क्षेत्र + औद्योगिक क्षेत्र + सेवा क्षेत्र (द) कृषि क्षेत्र + सेवा क्षेत्र ( )

प्र.3 भारत में सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्र है –

(अ) कृषि क्षेत्र (ब) औद्योगिक क्षेत्र (स) सेवा क्षेत्र (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं ( )

प्र.4 भारत का सर्वाधिक रोजगार क्षेत्रक है –

(अ) सेवा क्षेत्र (ब) कृषि क्षेत्र (स) औद्योगिक क्षेत्र (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं ( )

प्र.5 अल्प बेरोजगारी तब होती है जब लोग –

(अ) काम करना नहीं चाहते (ब) काम मंद गति से कर रहे है

(स) अपनी क्षमता से कम काम कर रहे हैं (द) उनके काम हेतु भुगतान नहीं किया जाता ( )

उत्तर:- 1. अ, 2. स, 3. स, 4. ब, 5. स

प्र.6 …………………………………… क्षेत्रक में श्रमिक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते हैं। (तृतीयक)

प्र.7 भारत में …………………………………… अनुपात में श्रमिक असंगठित क्षेत्रक में काम कर रहे हैं। (बड़े)

प्र.8 कपास एक …………………………………… उत्पाद है और कपड़ा एक ……………………………………उत्पाद हैं। (प्राकृतिक/ विनिर्मित)

प्र.9 प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रकों की गतिविधियाँ …………………………………… निर्भर है। (परस्पर)

प्र.10 सेवा क्षेत्रक में रोजगार में उत्पादन के समान अनुपात में वृद्धि …………………………………… हुई है। (नहीं)

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्र.1 सकल घरेलू उत्पादक को परिभाषित कीजिए?कल घरेलू उत्पाद (GDP) एक विशिष्ट समय सीमा के भीतर किसी देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी परिष्कृत वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक या बाजार मूल्य है।
प्र.2 भारत में रोजगार क्षेत्रक में हिस्सेदारी को घटते क्रम में लिखिए? 44% – PRIMARY 25% THIRD 31% SECONDARY
प्र.3 ‘अल्प बेरोजगारी’ से क्या आशय हैं?किसी क्षेत्र में आवश्यकता से अधिक लोगों का नियोजन होना अल्प बेरोजगारी कहलाती है।
प्र.4 महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी अधिनियम कब लागू हुआ एवं इसमें कितने दिनों की रोजगार की गारंटी दी गई100
प्र.5 स्वामित्व आधारित क्षेत्रक कौन से है? नाम लिखिए।स्वामित्व के आधार पर वर्गीकरण: स्वामित्व: उद्योगों को निजी क्षेत्र, राज्य के स्वामित्व वाले या सार्वजनिक क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र और सहकारी क्षेत्र में वर्गीकृत किया जा सकता है
प्र.6 कृषि क्षेत्रक की कोई दो समस्याएँ लिखिए?वर्षा और जलवायु पर निर्भरता, कृषि उत्पादों का व्यापक आयात, कृषि सब्सिडी में कमी, कृषि के लिए आसान ऋण का अभाव और साहूकारों पर निर्भरता, कृषि क्षेत्र में सरकारी निवेश में कमी और वैकल्पिक उपयोगों के लिए कृषि भूमि का रूपान्तरण ।
प्र.7 ‘सेवा क्षेत्र’ के कोई चार उदाहरण दीजिए?सेवा क्षेत्र में मुख्य रूप से शामिल होने वाली सेवाएं इस प्रकार हैं:- परिवहन, कूरियर, सूचना क्षेत्र की सेवाएं, प्रतिभूतियां, रियल एस्टेट,होटल एवं रेस्टोरेंट, वैज्ञानिक और तकनीकी सेवाएं, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वास्थ्य कल्याण
प्र.8 ‘औद्योगिक क्षेत्र’ के दो उदाहरण लिखिए जो आपके जिले मे ं स्थित हो?CEMENT UDYOG LAKHERI SUGAR MILL UDYOG KPSF

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्र.1 प्राथमिक क्षेत्रक, द्वितीयक क्षेत्रक व तृतीयक क्षेत्रक की गतिविधियों की क्या विशेषताएँ हैं?i) प्राथमिक क्षेत्रक – प्राथमिक क्षेत्रक में कृषि, वानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, मुर्गीपालन और खनन एवं उत्खनन शामिल हैं। (ii) द्वितीयक क्षेत्रक -द्वितीयक क्षेत्रक में विनिर्माण शामिल है। (iii) तृतीयक क्षेत्रक- तृतीयक क्षेत्रक में व्यापार, परिवहन, संचार, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा, बैंकिंग आदि सेवाएं शामिल है।
प्र.2 ग्रामीण क्षेत्र हेतु ‘कृषि’ क्यों महत्वपूर्ण हैं?खाद्य सुरक्षा ,ग्रामीण रोजगार और पर्यावरण तकनीक जैसे की मृदा संरक्षण ,प्राकृतिक संसाधनो का प्रबंधन आदि के सन्दर्भ में स्थायी कृषि समग्र ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है।
प्र.3 ‘संगठित’ व ‘असंगठित’ रोजगार क्षेत्र से आप क्या समझते हैं? दो उदाहरण दीजिए।संगठित क्षेत्र वे हैं जहाँ सरकारी नियमों जैसे न्यूनतम वेतन अधिनियम, फ़ैक्टरी अधिनियम आदि का पालन किया जाता है जबकि असंगठित क्षेत्रों के अपने नियम और कानून हैं। संगठित  – LIC, BSNL (GOVT. REG.)
प्र.4 संगठित क्षेत्रक व असंगठित क्षेत्रक में कोई चार अन्तर लिखिए।कर्मचारियों को काम का वादा किया जाता है, और कर्मचारी सरकारी रिकॉर्ड और प्रतिबंधों के अधीन होते हैं। ऐसी छोटी कंपनियाँ या संगठन हैं जो सरकार के रोजगार मानकों का पालन नहीं करते हैं।   रोज़गार नियमित है और सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे संचालित होता है। यदि लोग अधिक समय तक काम करते हैं तो उन्हें अधिक भुगतान किया जाता है।काम का अक्सर कम भुगतान किया जाता है और अधिक काम लिया जाता है।   कर्मचारियों को चिकित्सा लाभ के साथ-साथ कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। श्रमिकों को कोई अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिलता है।   यह एक स्थिर स्थिति है. नौकरियों की गारंटी शायद ही कभी मिलती है।
प्र.5 ‘सार्वजनिक’ क्षेत्रक क्यों आवश्यक है? कारण प्रस्तुत कीजिए।सार्वजनिक वस्तुओं पर सरकारी खर्च समुदाय को आर्थिक और सामाजिक लाभ प्रदान करता है जो इसकी लागत से काफी अधिक है। सार्वजनिक क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य जनहित की सेवा करना है। सरकार जनकल्याण सुनिश्चित करती है ।
प्र.6 प्रच्छन्न बेरोजगारी से क्या अभिप्राय हैं?प्रच्छन्न बेरोजगारी का अर्थ है वह बेरोजगारी जिसमें श्रमिक की पूरी क्षमता का इस्तेमाल ना किया जा रहा हो। भारतीय कृषि प्रच्छन्न बेरोजगारी से बुरी तरह प्रभावित है।
प्र.1 भारत में तृतीयक क्षेत्रक क्यों महत्वपूर्ण बनता जा रहा है? कारण लिखिए।आय में वृद्धि के परिणामस्वरूप निजी अस्पतालों, स्कूलों और पेशेवर प्रशिक्षण संस्थानों जैसी विभिन्न सेवाओं की मांग हुई है. सूचना प्रौद्योगिकी और संचार क्षेत्र में पिछले बीस वर्षों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है. इसके परिणामस्वरूप भारत में तृतीयक क्षेत्र का महत्व बढ़ गया
प्र.2 अल्प बेरोजगारी व प्रच्छन्न बेरोजगारी में क्या अन्तर है?अल्परोज़गारी और प्रच्छन्न बेरोज़गारी के बीच अंतर: 1. रोज़गार की प्रकृति: अल्परोज़गारी एक ऐसी स्थिति है जहां कोई व्यक्ति नियोजित तो है लेकिन अपनी इच्छित नौकरी में नहीं है या अपनी इच्छा से कम घंटे काम कर रहा है। दूसरी ओर, प्रच्छन्न बेरोजगारी उस स्थिति को संदर्भित करती है जहां एक व्यक्ति नियोजित तो है लेकिन उत्पादक रूप से किसी भी आर्थिक गतिविधि में संलग्न नहीं है। 2. उत्पादकता का स्तर: अल्प-रोज़गार व्यक्ति अभी भी कुछ हद तक अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं, जबकि प्रच्छन्न बेरोज़गारी वाले व्यक्ति बिल्कुल भी योगदान नहीं करते हैं। 3. आधिकारिक आँकड़ों में प्रतिबिंबित: अल्परोज़गारी आधिकारिक बेरोज़गारी आँकड़ों में परिलक्षित होती है, जबकि छिपी हुई बेरोज़गारी आधिकारिक आँकड़ों में परिलक्षित नहीं होती है। 4. घटना: अल्परोज़गार विकासशील देशों में आम है जहां नौकरी बाज़ार अच्छी तरह से विकसित नहीं है, जबकि छिपी हुई बेरोज़गारी विकासशील और विकसित दोनों देशों में आम है।
प्र.3 असंगठित क्षेत्रक की क्या समस्याएँ हैं? यह क्यों असुरक्षित माना जाता है?असंगठित क्षेत्र में लगे कुल कार्यबल के बड़े भाग को पर्याप्त श्रम सुरक्षा नहीं मिल पाती। उन्हें अनियमित रोजगार, अस्थिर आय, किश्तों में पारिश्रमिक दर के प्रचलन और आय, रोजगार, स्वास्थ्य और सुरक्षा के संबंध में अल्पविधिक सुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्र.4 भारत में 1973-74 से 2013-14 में कृषि, उद्योग व सेवा क्षेत्र की भूमिका में क्या अन्तर आया?
प्र.5 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के उद्देश्य लिखिए।

निबन्धात्मक प्रश्न

केंद्र सरकार ने भारत के 200 जिलों में काम का अधिकार’ लागू करने के लिए एक कानून बनाया है। इसे ‘राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005’ कहते हैं। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं
1.उन सभी लोगों को जो काम करने में सक्षम हैं और जिन्हें काम की जरूरत है, को सरकार द्वारा वर्ष में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है।
2.यदि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रहती है तो वह लोगों को बेरोजगारी भत्ता देगी।
3.इस अधिनियम में उन कामों को वरीयता दी जाएगी, जिनसे भविष्य में भूमि से उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।