भारत में राष्ट्रवाद Class 10th Samajik Vigyan (RCSCE Question Bank Complete Solution)

इस पोस्ट में हम “भारत में राष्ट्रवाद” के सभी ऑबजेकटिव , छोटे ऐन्सर वाले प्रश्न और लघुतरात्मक और अति लघूत्तरात्मक प्रश्नों का जवाब देने वाले हैं , हम आपको इसके सोल्यूशंस के साथ साथ आपको इसका पीडीएफ़ फाइल भी अंतिम रूप से देंगे और आप राजस्थान बोर्ड क्लास 10th Samajik Vigyan Complete solution pdf 2024 जो की Shala darpan Class 10th pdf 2024 के द्वारा जारी किया गया पीडीएफ़ हैं , इसके सभी सवालों का जवाब आपको इस पोस्ट के जरिए मिलने वाला हैं , Bharat mein rashtravaad class 10th rcsce question bank solution pdf

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. महात्मा गांधी ने नमक यात्रा कहाँ से शुरू की थी?

(अ) उत्तरप्रदेश (ब) साबरमती (स) दांडी (द) चम्पारन ( )

2. महात्मा गांधी दक्षिणी अफ्रीका से भारत कब लौटे?

(अ) 1915 (ब) 1914 (स) 1913 (द) 1912 ( )

3. असहयोग आंदोलन कब शुरू हुआ ?

(अ) नवम्बर 1920 (ब) जनवरी 1921 (स) मार्च 1921 (द) दिसम्बर 2021 ( )

4. रॉलेट एक्ट कब पारित हुआ?

(अ) 1917 (ब) 1919 (स) 1920 (द) 1922 ( )

5. साइमन कमीशन भारत कब आया?

(अ) 1930 (ब) 1929 (स) 1928 (द) 1932 ( )

6. भारत छोड़ो आन्दोलन कब प्रारंभ हुआ?

(अ) 1939 (ब) 1940 (स) 1941 (द) 1942 ( )

रिक्त स्थानों की पूर्ति  करो

7. 1930 में …………………………………… ने दलित वर्ग एसोसिएशन की स्थापना की। (अम्बेडकर)

8. 1917 में गांधी जी ने गुजरात के …………………………………… जिले के किसानों की मदद के लिए सत्याग्रह का

आयोजन किया। (खेड़ा)

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

1. ‘‘स्वराज पार्टी’’ के निर्माता कौन थे?

स्वराज पार्टी के निर्माता बाल गंगाधर तिलक थे।

2. गांधी जी के राजनैतिक गुरू कौन थे?

गांधीजी के राजनैतिक गुरू गोपाल कृष्ण गोखले थे।

3. गांधी-इरविन समझौता कब हुआ?

गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ।

4. जलियावाला बाग हत्याकांड कब और कहाँ हुआ?

जलियावाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुआ।

5. खिलाफत आंदोलन के दो प्रमुख नेताओं के नाम लिखिए।

खिलाफत आंदोलन के दो प्रमुख नेताओं के नाम मोहम्मद अली और शौकत अली हैं।

6. ‘‘वंदे मातरम’’ गीत के लेखक कौन थें?

“वंदे मातरम्” गीत के लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय थे।

7. ‘‘पूर्ण स्वराज’’ की मांग कांग्रेस के किस अधिवेशन में की गई?

“पूर्ण स्वराज” की मांग आइलाहाबाद के कांग्रेस अधिवेशन में 1929 में की गई थी।

8. बारदोली आंदोलन किसके नेतृत्व में और कब हुआ?

बारदोली आंदोलन बाबू हरदयाल के नेतृत्व में 1919 में हुआ।

9. चौरा-चोरी घटना कब घटित हुई?

चौरा-चोरी घटना 5 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में हुई।

10. आनन्द मठ के रचियता कौन थें?

आनंद मठ के रचियता स्वामी विवेकानंद थे।

11. ‘पिकेटिंग’ से क्या आशय है?

“पिकेटिंग” से अर्थ है कि किसी स्थान पर प्रदर्शन करना या आंदोलन करना।

12. पहला विश्व युद्ध कब से कब तक लड़ा गया?

पहला विश्व युद्ध 1914 से 1918 तक लड़ा गया।

13. वर्साय की संधि कब हुई?

वर्साय की संधि 28 जून 1919 को हुई।

14. ईस्ट-इण्डिया कम्पनी भारत में कब आई?

ईस्ट-इंडिया कंपनी भारत में 1600 में आई।

15. ‘‘हिन्द स्वराज’’ नामक पुस्तक किसने व कब लिखी?

“हिंद स्वराज” नामक पुस्तक गांधीजी ने 1909 में लिखी थी।

16. ‘‘बेगार’’ शब्द से आप क्या समझते है?

“बेगार” से अर्थ है किसी को बिना मुआवजे काम करने के लिए मजबूर करना।

17. असहयोग आंदोलन वापस लेने का फैसला गांधी जी ने कब लिया?

असहयोग आंदोलन वापस लेने का फैसला गांधीजी ने 18 फरवरी 1922 को लिया था।

18. साइमन कमिशन में कुल कितने सदस्य थे?

साइमन कमिशन में कुल 7 सदस्य थे।

लघुत्तरात्मक प्रश्न

1. गांधीजी ने ब्रिटिश सरकार के प्रति असहयोग की नीति क्यों अपनाई?

गांधीजी ने ब्रिटिश सरकार के प्रति असहयोग की नीति अपनाई ताकि भारतीयों का विरोध विश्वस्तरीय हो और विश्व में उनकी अन्यायपूर्ण नीतियों की प्रतिष्ठा कम हो। इससे उन्हें लगा कि ब्रिटिश सरकार को उनके नीतियों को स्वीकारने में मुश्किल होगी और विश्व में उनका समर्थन बढ़ेगा। असहयोग की नीति ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक महान और व्यापक आंदोलन में बदल दिया।

2. गांधी-इरविन समझौते के बारे में आप क्या जानते है?

गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ था। इस समझौते के अनुसार, गांधीजी ने असहमति के बावजूद अगले एक साल में असहयोग आंदोलन स्थगित करने का वादा किया था। ब्रिटिश ने इस समझौते के अनुसार कुछ आंशिक स्वतंत्रता प्रदान की, जिसमें ब्रिटिश सरकार ने असहयोग आंदोलन के कुछ कैदियों को रिहा करने का भी वादा किया था। इससे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक समय की राहत मिली और गांधीजी ने उन्हें असहयोग की नीति को दोबारा आगे बढ़ाने का मौका मिला।

3. खिलाफत आंदोलन पर टिप्पणी लिखिए।

ख़िलाफ़त आन्दोलन (1919-1922) भारत में मुख्य तौर पर मुसलमानों द्वारा चलाया गया राजनीतिक-धार्मिक आन्दोलन था। इस आन्दोलन का उद्देश्य (सुन्नी) इस्लाम के मुखिया माने जाने वाले तुर्की के ख़लीफ़ा के पद की पुन:स्थापना कराने के लिये अंग्रेज़ों पर दबाव बनाना था।

4. असहयोग आंदोलन का शहरों में क्या प्रभाव पड़ा?

शहरों में मध्य-वर्ग से आंदोलन में अच्छी भागीदारी हुई। हजारों छात्रों ने सरकारी स्कूल और कॉलेज छोड़ दिए, शिक्षकों ने इस्तीफा दे दिया और वकीलों ने अपनी वकालत छोड़ दी। मद्रास को छोड़कर अधिकांश राज्यों में काउंसिल के चुनावों का बहिष्कार किया गया।

5. विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के बारे में आप क्या समझते है?

हम सभी ने साल 1929 में आई विश्वव्यापी आर्थिक महामंदी (द ग्रेट डिप्रेशन) के बारे में ज़रूर सुना होगा। इस दौरान दुनिया के अधिकतर हिस्सों में उत्पादन, आय, व्यापार और रोज़गार में भारी कमी आ गई थी, जिससे भारी संख्या में लोग भुखमरी और गरीबी का शिकार हो गये थे।

6. गांधी जी की नमक यात्रा को स्पष्ट कीजिए?

12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने नमक पर टैक्स लगाने के अंग्रेजों के फैसले के खिलाफ अहमदाबाद में साबरमती आश्रम से नमक सत्याग्रह की शुरुआत की। इसके तहत समुद्र के किनारे बसे एक गांव दांडी तक 24 दिन की लंबी यात्रा की गई। यहां पहुंचकर गांधीजी के नेतृत्व में हजारों लोगों ने अंग्रेजों ने नमक कानून को तोड़ा।

7. सविनय अवज्ञा आंदोलन में किसानों की भूमिका स्पष्ट किजिए।

सविनय अवज्ञा आंदोलन में गरीब किसानों की भूमिका। नीचे चर्चा की गई है:

(i) महात्मा गांधी ने नमक में एक शक्तिशाली प्रतीक पाया जो राष्ट्र को एकजुट कर सकता था। विचार यह था कि मांगों को व्यापक बनाया जाए, ताकि भारतीय समाज के सभी वर्ग उनके साथ अपनी पहचान बना सकें और सभी को एकजुट अभियान में एक साथ लाया जा सके। इन सबमें सबसे अधिक हलचल नमक कर समाप्त करने की मांग थी।

(ii) नमक एक ऐसी चीज़ थी जिसे अमीर और गरीब दोनों समान रूप से खाते थे और यह भोजन की सबसे आवश्यक वस्तुओं में से एक थी। नमक पर कर और उसके उत्पादन पर सरकार के एकाधिकार से महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन का सबसे दमनकारी चेहरा उजागर किया।

(iii) गरीब किसानों को अधिक कर देने के लिए कहा गया जब वे मुश्किल से अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम थे। इससे गरीब किसान क्रोधित हो गए और वे बड़ी संख्या में गांधीजी और उनके अनुयायियों के समर्थन में आ गए। उनके कारण ही सविनय अवज्ञा आंदोलन एक जन आंदोलन बन सका।

8. पूना पेक्ट के बारे में आप क्या समझते है?

पूना पैक्ट (Poona Pact in Hindi) उच्च वर्ग के हिंदुओं द्वारा स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया था कि हिंदू समाज के सबसे गरीब सदस्यों के साथ सबसे अधिक भेदभाव किया जाता था। यह भी सहमति हुई कि उन्हें राजनीतिक आवाज देने और पिछड़ेपन पर पैर जमाने के लिए कुछ ठोस करने की जरूरत है जिसे वे अपने दम पर दूर नहीं कर सकते।

निबन्धात्मक प्रश्न

1. भारत छोड़ो आंदोलन का वर्णन कीजिए?

भारत छोड़ो आन्दोलन, द्वितीय विश्वयुद्ध के समय 8 अगस्त 1942 को आरम्भ किया गया था। यह एक आन्दोलन था जिसका लक्ष्य भारत से ब्रिटिश साम्राज्य को समाप्त करना था। यह आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई अधिवेशन में शुरू किया गया था।

2. जलियावाला बाग हत्याकांड का विस्तार से वर्णन कीजिए?

जलियाँवाला बाग अमृतसर के स्वर्ण मन्दिर के पास का एक छोटा सा बगीचा है जहाँ 13 अप्रैल 1919 को ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर के नेतृत्व में अंग्रेज़ी फौज ने गोलियां चला के निहत्थे, शान्त बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों को मार डाला था और हजारों लोगों को घायल कर दिया था।

3. रोलेट एक्ट क्या था तथा इसका भारतीयों ने विरोध क्यों किया?

रौलट-एक्ट को काला कानून भी कहा जाता है। इसको ब्रिटिश सरकार ने भारत के लोगों को कुचलने के लिए बनाया था। यह एक ऐसा कानून बनाया था कि इसके अंदर ब्रिटिश सरकार को यह अधिकार दिया गया था कि वह किसी भी भारतीय लोग को बिना मुकदमा चलाए अदालत में और जेल में बंद कर सकते थे।

4. गांधी जी द्वारा चलाए गये किन्ही दो आंदोलनों का विस्तार से वर्णन कीजिए?

1917 में चंपारण आंदोलन, 1918 में खेड़ा आंदोलन, 1919 में खिलाफत आंदोलन, 1920 में असहयोग आंदोलन, 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन सभी महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन (Freedom Movements of Mahatma Gandhi in Hindi) का हिस्सा हैं।

5. खिलाफत आंदोलन का अर्थ स्पष्ट कीजिए। इसमें गांधी जी की भमिका का मूल्यांकन कीजिए।

यह आंदोलन सन् 1919 में लखनऊ से शुरू हुआ था।. जिससे शायद भारत कभी उबर नहीं सका। खिलाफत का उद्देश्य तुर्की में खलीफा पद की पुन: स्थापना को समर्थन देना था। ऐसे में मोहनदास करमचंद गाँधी को लगा कि खिलाफत को समर्थन देना, मुस्लिमों को उनके साथ असहयोग आंदोलन में जोड़ देगा।

6. सविनय अवज्ञा आंदोलन की उपलब्धियों व सीमाओं की विवेचना कीजिए?

सविनय अवज्ञा आन्दोलन में विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार तथा लोगों के द्वारा हड़ताल की गई। लोगों ने सरकार को कर देने से मना कर दिया। इस आंदोलन में लाखों लोगों के साथ महिलाओं ने भी काफी बड़ी संख्या में भाग लिया। ब्रिटिश सरकार के द्वारा नवम्बर 1930 लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया।

7. सत्याग्रह व अहिंसा पर गांधीजी के विचार स्पष्ट कीजिए?

गांधी जी के विचारों में अहिंसा का लक्ष्य सत्य है इसलिए सत्य के लिए प्रयास जिसे वे सत्याग्रह कहते थे, अपने श्रेष्ठ आदर्शों में से एक मानते थे. उनका कहना था कि अहिंसा सत्य के लिए होती है और प्रेम से भरपूर होती है. बिना प्रेम के अहिंसा हो ही नहीं सकती. प्रेम अहिंसा की प्रेरक शक्ति के रूप में काम करती है

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